Sunday, May 3, 2015

 Image result for good morning

 A 'Subah' Tum Jab Bhi Aana, Sab Ke liye Bas 'Khushiya' Lana, Har Chehre Par 'Hansi' Sajana, Har Aangan Me 'Phool' Khilana.
 ए 'सुबह' तुम जब भी आना, सब के लिए बस 'खुशियाँ' लाना, हर चेहरे पर 'हँसी' सजाना, हर आँगन मेँ 'फूल' खिलाना।

12 comments:

राजीव कुमार झा said...

बहुत सुंदर.

JEEWANTIPS said...

सुन्दर व सार्थक रचना प्रस्तुतिकरण के लिए आभार..

संजय भास्‍कर said...

सुन्दर प्रस्तुतिकरण

Kailash Sharma said...

बहुत सुन्दर

सुशील कुमार जोशी said...

बढ़िया ।

Amrit Sinha said...

A wonderful morning poem :-)

Sanju said...

Thanks

abhishek shukla said...

Good growing bro...

Sanju said...

Thanks Abhishek

Shanti Garg said...

सुन्दर व सार्थक रचना प्रस्तुतिकरण के लिए आभार..

कहकशां खान said...

बहुत ही अच्‍छी रचना।

हिमकर श्याम said...

बहुत सुंदर